जैसा कि आप सभी लोगों को पता है कि MBBS या BDS में दाखिला के लिए सभी उम्मीदवारों को NEET UG परीक्षा देना अनिवार्य है। NEET UG परीक्षा के परिणाम आने के बाद अब सभी मेडिकल कॉलेज में दाखिला की प्रक्रिया चल रही है।
दाखिला की प्रक्रिया में दस्तावेज सत्यापन के दौरान गाजियाबाद के दो लड़कियों को फर्जी तरीके से दाखिला लेने के आरोप में पकड़ लिया है। बताया जा रहा है कि दोनों छात्राओं ने MBBS में दाखिला लेने के लिए फ्रीडम फाइटर कोट का आरक्षण को प्राप्त करने के लिए फर्जी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी प्रमाण पत्र बनवाया और इस आधार पर MBBS में प्रवेश ले लिया है।
NEET UG के काउंसलिंग प्रक्रिया के दौरान MBBS में दाखिला लेने से पहले सभी उम्मीदवारों के नियमानुसार दस्तावेजों की जांच की जाती है। ऐसे में महानिदेशक को हाथ से बनाए गए स्वतंत्रता सेनानी प्रमाण पत्र पर शक हुआ। उन्होंने गाजियाबाद जिला प्रशासन से दोनों प्रमाण पत्रों की सत्यापन रिपोर्ट की जानकारी मांगी।
सिटी मजिस्ट्रेट डॉक्टर संतोष कुमार ने बताया कि SDM से इन दोनों प्रमाण पत्रों की जांच की गई है। जांच में पाया गया है कि प्रमाण पत्र फर्जी हैं। दोनों प्रमाण पत्र हाथ से बनाया गया है और उस पर प्रशासन की मोहर भी लगाया गया है, जो की पूरी तरह से फर्जी है।
स्वास्थ्य महानिदेशक के द्वारा बताया गया की, स्वतंत्रता सेनानी प्रमाण पत्र डिजिटल हस्ताक्षर होते हैं जो कि उसे पर उपलब्ध नहीं थे। इससे साफ हो जाता है कि प्रमाण पत्र प्रशासन से जारी नहीं किए गए हैं बल्कि फर्जी हैं।
लड़कियों के स्वतंत्रता सेनानी प्रमाण पत्र फर्जी पाए जाने पर आगे की कार्रवाई करने की तैयारी प्रशासन कर रही है। इस मामले में प्रमाण पत्र बनवाने और बनाने वालों की पहचान करके कानूनी कार्रवाई करने का आदेश दिया गया है।
फर्जी तरीके से MBBS में दाखिला लेने के लिए इन दोनों लड़कियों ने स्वतंत्रता सेनानी प्रमाण पत्र के जरिए आरक्षण का उपयोग किया है। इस तरह के खबर को प्राप्त करने के लिए आप हमारे साथ जुड़ सकते हैं।